अध्याय 6

उबाऊ दावत आखिरकार खत्म हो गई, लेकिन कैरोलिन अभी भी चैन की साँस नहीं ले सकी।

विंडसर परिवार की पुरानी रिवायत के मुताबिक, हर औपचारिक कार्यक्रम के बाद वे एक सादा-सा पारिवारिक डिनर साथ करते थे।

इस बार भी कुछ अलग नहीं था।

विंडसर मैनर में, क्रिस्टल के झूमर की रोशनी लंबी मेज़ पर झरने की तरह गिर रही थी। जैसे ही नौकर ने मूस केक का आख़िरी स्लाइस रखा, टिफ़नी ने अपनी चाँदी की फोर्क से नफ़ासत से एक छोटा-सा टुकड़ा उठाया, उसे होंठों तक ले गई और उसकी नज़र कैरोलिन पर टिक गई।

“कैरोलिन,” उसने अपनी फोर्क एक तीखी-सी खनक के साथ रख दी, आवाज़ में बनावटी चिंता की परतें थीं। “आज तुम ठीक नहीं लग रही थीं। तबीयत तो ठीक है?”

कैरोलिन की उँगलियाँ पानी के गिलास के इर्द-गिर्द अनजाने में कस गईं।

वह जानती थी टिफ़नी को सच में फिक्र नहीं थी, और वैसे भी अपना कैंसर वाला निदान सबके सामने बताने की कोई ज़रूरत नहीं थी।

“मैं ठीक हूँ… बस थोड़ा थक गई हूँ,” उसने धीरे से कहा, निगाह मेज़पोश पर बने जटिल लेस के पैटर्न पर गड़ाए हुए—दूसरी औरत की आँखों से बचती हुई।

“थकान में भी रुतबा और दिखावा निभाना पड़ता है,” टिफ़नी ने हल्की हँसी के साथ कहा, अपने आख़िरी शब्दों को ऐसे खींचकर, जैसे याद दिला भी रही हो और चेतावनी भी दे रही हो।

“तुम आर्थर की पत्नी हो, विंडसर घराने की बहू। कितनी नज़रें तुम पर टिकी रहती हैं।”

“दावत में मिस व्हाइट ने बस दो-चार बातें क्या कर लीं, और तुम मुँह फुलाकर बैठ गईं—कितनी छोटी बात पर। अगर ये बात बाहर गई, तो लोग यही समझेंगे कि हम विंडसरों ने तुम्हारे साथ कोई बहुत बड़ा अन्याय कर दिया है, कोई भारी ज़ख्म दे दिया है।”

कहते-कहते उसकी तिरछी नज़र आर्थर की तरफ़ चली गई, जो आइज़ैक के पास बैठा था।

आर्थर अपना फोन देख रहा था; कभी-कभी उसकी आँखों के कोनों में नरमी की हल्की-सी झलक आ जाती। डिनर टेबल की बातचीत पर उसने ध्यान ही नहीं दिया—जैसे आसपास की हर चीज़ उसके लिए गैरज़रूरी हो।

“तुम पति-पत्नी हो—इज़्ज़त और बदनामी दोनों साझा होती हैं। मुझे ये समझाने की ज़रूरत नहीं, है न?” टिफ़नी ने जान-बूझकर आवाज़ ऊँची की, ताकि आर्थर के कान तक बात पहुँच जाए।

“कम-से-कम लैला और लोगन के लिए तो, दिखावे को निभाओ। बाहरवाले हमें हँसने का मौका न दें।”

कैरोलिन ने अपनी डेज़र्ट स्पून को कसकर पकड़ लिया, उसका हैंडल हथेली में चुभने लगा।

उसने सिर उठाया और टिफ़नी की दबाव भरी नज़र से आँखें मिला लीं।

“माँ ठीक कह रही हैं,” उसकी ननद आइरीन पॉवेल तुरंत बोल पड़ी। गीले नैपकिन से हाथ पोंछते हुए उसके लहजे में ऐसी पक्की मान्यता थी, जैसे बात पर बहस की गुंजाइश ही न हो।

“माँ-बाप का हर कदम बच्चों के लिए मिसाल होता है। आज की दावत में मैंने देखा, लैला और लोगन मिस व्हाइट के साथ बहुत ज़्यादा घुले-मिले थे।”

हाइडी का नाम आते ही आर्थर ने एक पल के लिए फोन से नज़र उठाई।

कैरोलिन के दिल में जैसे अनगिनत बारीक सुइयाँ चुभ गईं। उसने उन दोनों बच्चों की तरफ़ देखा, जो अपनी ऊँची कुर्सियों पर बैठे थे।

लैला चाँदी के चाकू से खेल रही थी, और लोगन स्ट्रॉबेरी में दाँत गड़ा रहा था—उसका नन्हा-सा चेहरा मासूमियत से भरा हुआ।

“लैला,” आइरीन ने अचानक आवाज़ ऊँची की, चेहरे पर गरमजोशी भरी मुस्कान चिपकाए हुए। “मैंने नोटिस किया, तुम पूरे दिन मिस व्हाइट से चिपकी रही। तुम्हें डर नहीं लगता कि तुम उन्हें परेशान कर रही हो?”

लैला की आँखें चमक उठीं। “मिस व्हाइट को बिल्कुल बुरा नहीं लगता! वो कितनी अच्छी हैं। उन्होंने तो वादा भी किया है, अगली बार हमें अम्यूज़मेंट पार्क ले जाएँगी!”

“तुम्हारी माँ और मिस व्हाइट—इन दोनों में तुम्हें कौन ज़्यादा पसंद है?” आइरीन की आवाज़ शहद-सी मीठी थी, मगर भीतर ज़हर मिला था।

कैरोलिन की साँस अटक गई। वह बीच में बोलना चाहती थी, मगर बच्चे ऐसे सवालों का मतलब ज़्यादा नहीं तौलते।

लोगन तुरंत बोल पड़ा, “मिस व्हाइट हमें कहानियाँ सुनाती हैं और खेलने बाहर ले जाती हैं। मम्मी तो बस हर समय पढ़ाई करवाती रहती हैं।”

ये शब्द कुंद चाकू की तरह थे, जो कैरोलिन के मुश्किल से भरे हुए ज़ख्मों को धीरे-धीरे फिर से कुरेद रहे थे।

घर-गृहस्थी की उसकी अंतहीन जिम्मेदारियाँ, बच्चों के विकास के लिए उसके अपने बनाए पढ़ाई के सामान, एक आदर्श पत्नी और माँ बनने की उसकी सारी कोशिशें—उसके बच्चों की नज़र में बस इतना ही रह गईं।

और उधर हाइडी को बस नए खिलौने और मीठी बातें लानी थीं, और वह आसानी से उनका प्यार जीत लेती थी।

"देखा?" आइरीन ने कैरोलाइन की ओर विजय-भाव से देखा, अपनी अंदरूनी जलनभरी खुशी को मुश्किल से छिपाते हुए।

"बच्चे झूठ नहीं बोलते। कैरोलाइन, तुम कहती हो कि तुम अपनी सारी ऊर्जा बच्चों पर लगाती हो, फिर भी तुम हाइडी से तुलना नहीं कर सकती—जो एक कामकाजी औरत है। आखिर तुम्हारी प्राथमिकताएँ हैं कहाँ?"

आइरीन को कैरोलाइन की करियर को लेकर बेपरवाही कभी पसंद नहीं आई थी। अब जब उसे एक कमजोरी मिल गई थी, तो वह उसे भुनाने पर तुल गई।

टिफ़नी ने आग में घी डाल दिया, "घर में तालमेल रहेगा तो हर काम में सफलता मिलती है। अगर तुम अच्छा उदाहरण नहीं दोगी, तो सिर्फ़ आर्थर परेशान नहीं होगा, बच्चों पर भी असर पड़ेगा। फिर बाहरवाले विंडसर परिवार पर दोबारा हँसेंगे।"

"मैं जानबूझकर मुश्किल नहीं कर रही थी," कैरोलाइन ने आखिरकार सिर उठाया, आवाज़ धीमी थी, लेकिन हठी। "मैं बस—"

"बस, बहुत हुआ," अब तक चुप रहे आर्थर ने आखिरकार फ़ोन एक तरफ़ रख दिया। "ये परिवार का डिनर है। इन झंझटों से दादाजी का मूड मत खराब करो।"

कैरोलाइन ने होंठ भींच लिए और आर्थर के ठंडे चेहरे को देखा।

उसे पता था, और कुछ समझाना बेकार है। इन लोगों की नज़र में उसकी कोई भी सफ़ाई बचकानी ही कहलाती।

डिनर खत्म हुआ तो कैरोलाइन जैसे खाने के कमरे से भाग ही निकली।

वह घुमावदार सीढ़ियों से उतरकर बाहर वाले दरवाज़े की तरफ़ गई। जैसे ही उसकी उँगलियाँ मुख्य दरवाज़े को छूने लगीं, उसकी नज़र दूसरी मंज़िल पर बने स्टडी-रूम की ओर चली गई।

अब तलाक़ टाला नहीं जा सकता था। दूसरों को धीरे-धीरे पता लगने देने से बेहतर था कि वह अभी इसहाक से सच कह दे।

एक गहरी साँस लेकर उसने धीरे से स्टडी का दरवाज़ा धकेल दिया।

इसहाक अपनी कुर्सी पर बैठे थे, हाथ में अख़बार था जिसे वे असल में पढ़ नहीं रहे थे।

"कैरोलाइन? अंदर आओ, बैठो," उन्होंने कहा।

कैरोलाइन ने इसहाक की धुँधली आँखों में थकान की हल्की सी छाया देखी।

"दादाजी," कैरोलाइन मेज़ के पास पहुँची। उसकी उँगलियाँ घबराहट में आपस में उलझी हुई थीं। वह अपने विचार सहेज भी न पाई थी कि इसहाक बोलने लगे।

"आज के भोज में तुम्हें मुश्किल स्थिति में डाल दिया गया," उनकी आवाज़ थोड़ी बैठी हुई थी, उम्र की वह परिचित धीमापन लिए।

"विंडसर परिवार पर कितनी नज़रें लगी हैं। ज़रा-सी हलचल भी तूफ़ान बना दी जाती है।"

कैरोलाइन का दिल बैठने लगा—उसे अंदाज़ा था, आगे क्या आने वाला है।

"आर्थर पर इन दिनों बहुत दबाव है। कंपनी में उथल-पुथल है, और मेरी तबीयत..." इसहाक ने बेहद धीरे से चाय का एक घूँट लिया। "बाहर के शिकारी बस यही देख रहे हैं कि हमारा विंडसर परिवार कब लड़खड़ाए।"

"ऐसे समय में तुम्हें दोनों को पति-पत्नी के तौर पर स्थिर रहना होगा। तुम्हारी स्थिरता ही विंडसर परिवार की स्थिरता है, और कंपनी की भी।"

कैरोलाइन ने मुँह खोला, पर तलाक़ की वह घोषणा, जिसे उसने मन ही मन अनगिनत बार दोहराया था, गले में अटक गई—आवाज़ बनकर निकल ही नहीं पाई।

"मुझे पता है, तुम्हारे पास हज़ार शिकायतें हैं, और तुम निराश हो कि उस वक्त आर्थर ने तुम्हारा साथ नहीं दिया।"

इसहाक की नज़र उस पर टिक गई। "लेकिन विंडसर परिवार के लिए, आर्थर के लिए, और उन दोनों बच्चों के लिए—अगर दिखावा ही करना पड़े, तो भी प्यार करने वाले दंपती की छवि बनाए रखो। बस ये कठिन दौर निकल जाए, तो सब ठीक हो जाएगा।"

"सब ठीक हो जाएगा"—ये शब्द कैरोलाइन के दिल पर हथौड़े की तरह लगे।

सात साल की शादी में उसने एक के बाद एक कठिन दौर ही देखा था, जिसका कोई अंत नज़र नहीं आता था।

उसकी खुशी, उसकी भावनाएँ—विंडसर परिवार के हितों के सामने वह हमेशा बलि का बकरा ही बनी रही।

उसने कुछ नहीं कहा, बस मुड़ी और स्टडी से बाहर निकल गई।

दरवाज़ा बंद होते ही उसे अपने पीछे इसहाक की दबाई हुई खाँसी सुनाई दी।

गलियारे की बत्तियाँ मंद थीं, उसकी परछाईं फर्श पर लंबी खिंच गई।

अचानक उसकी जेब में फ़ोन काँपा। उसने निकालकर देखा—अस्पताल से संदेश था: [सुश्री हैमिल्टन, आपकी फॉलो-अप अपॉइंटमेंट की तारीख़ आ गई है। कृपया जल्द से जल्द अस्पताल आएँ।]

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